राडार का आविष्कार किसने किया – Who Invented Radar in Hindi ?

Image by WikiImages from Pixabay

Last Updated on December 14, 2020 by Admin

राडार क्या होता है ?

राडार एक डिटेक्शन तकनीक है जिसमें रेडियो वेव्स का इस्तेमाल करके एक वास्तु की वेलोसिटी, रेंज, एंगल को डिटेक्ट किया जाता है.

राडार का फुल फॉर्म क्या होता है ?

राडार का फुल फॉर्म रेडियो डिटेक्शन एंड रेंजिंग है. रेडियो का R ,डिटेक्शन का D, एंड का A, रेंजिंग का R से लेकर बनाया गया है. राडार नाम को 1940 में संयुक्त राज्य नौसेना (यूनाइटेड स्टेट्स नेवी) के द्वरा रखा गया था.

Radio – RA
Detection – D
And – A
Ranging – R

राडार में रेडियो वेव्स को क्यों इस्तेमाल करते है ?

रेडियो वेव्स मेटल ऑब्जेक्ट्स से टकराकर रिफ्लेक्ट करते है. जब रेडियो वेव्स रिफ्लेक्ट होते है तो एक वास्तु की वेलोसिटी, रेंज, एंगल को डिटेक्ट किया जाता है.

राडार का इतिहास :

1886 में हेनरिक हेर्त्ज़ ( Heinrich Hertz ) नाम के जर्मन के वैज्ञानिक ने देखा के रेडियो वेव्स रिफ्लेक्ट भी होते है. 1896 में एलेग्जेंडर पोपोव ( Alexander Popov) नाम के वैज्ञानिक ने स्पार्क-गैप ट्रांसमीटर को बनाया जो शिप्स के बीच कम्युनिकेशन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, इसी दौरान एक तीसरी शिप बीचमे अजाने की वजह से कम्युनिकेटिव में इंटरफेरेंस आरहा था

एलेग्जेंडर पोपोव ने बताया के ये तकनीक मेटल ऑब्जेक्ट्स को डिटेक्ट करने में मदत करसता है. पोपोव ने इस आईडिया में कोई सुधार नहीं किया.

1904 में क्रिस्चियन हुलसमेयर(Christian Hülsmeyer ) नाम के अविष्कारक ने पहली बार राडार की टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करके फोग में छुपी हुई एक शिप को डिटेक्ट करके बताया था.

ये डिवाइस ट्रांसमीटर से शिप के दूरी बता नहीं पता था. कुछ बदलाव के बाद ये डिवाइस ट्रांसमीटर से शिप की दूरी भी बताने लगा था. इस डिवाइस को क्रिस्चियन हुलसमेयर(Christian Hülsmeyer ) ने टेलेमोबिलोस्कोपे (telemobiloscope) नाम रखा था.

साल 1915 में रोबर्ट वाटसन-वाट (Robert Watson-Watt) नाम के अविष्कारक ने पहले वाले डिवाइस को एडवांस करके बनाया था. ये डिवाइस हवा में उड़ने वाले प्लेन्स और बादलों से गरजने वाली बिजली को डिटेक्ट करलेता था.

सबसे पहले राडार को किसने इस्तेमाल किया था ?

सबसे पहले राडार को दूसरे विश्व युद्ध में में बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किया गया था. युद्ध के समय अचानक से प्लेन आकर बॉम्ब्स की बरसात करनेसे कई सारे लोगों की जान चली जाती थी.

इस तकनीक के ज़रिये प्लेन आनेसे पहले ही उसका पता चल्जता था और लोग चौकन्ने होजाते थे. एक तरह से दूसरे विश्व युद्ध में ये तकनीक बहुत लोगों की जान बचायी है.

राडार तकनीक को शुरू में बहुत ही गुप्त रखा गया था क्यों की सब को जंग जीतना था.

आज हम राडार को कैसे इस्तेमाल करते है ?

राडार को तो शुरू विश्व युद्ध के समय किया था लेकिन आज के ज़माने में राडार को हवा में, पानी में और रोड पर अलग अलग तरह से इस्तेमाल किया जाता है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*