इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स का आविष्कार किसने किया – Who Invented Internet of things in Hindi ?

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Last Updated on January 1, 2021 by Admin

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स का मतलब है भौतिक वस्तुओं का नेटवर्क किसी सॉफ्टवेयर या सेंसर के द्वारा जुड़कर इंटरनेट के ज़रिये एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस को जुड़ने को ही इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स कहते है.

दुनिया का सबसे पहला स्मार्ट डिवाइस :

हम सब ने ये थो देखा होगा के जब कभी इंसान किसी चीज़ की ज़रूरत महसूस होती है तो वह एक नए अविष्कार का जन्म होता है.

साल 1980 में कार्नेगी मेलोन यूनिवर्सिटी (Carnegie Mellon University) में कम्पुयटर साइंस के स्टूडेंट डेविड निकोल्स (David Nichols) जब कभी कोक पिने के लिए वेंडिंग मशीन के पास जाते थो या थो वेंडिंग मशीन खाली मिलती या फिर गरम कोक मिलते.

निकोल्स की ऑफिस कोक मशीन से दूर होने के कारन एमुश्किल सामना करना पड़ता था.

निकोल्स के दिमाग मे ये आईडिया आया के क्यों न इसे कंप्यूटर और अर्पानेट से जोड़ दिया जाये, ताके हमको पता चले के कोक मशीन कब भरी हुई होती है या फिर कोक के बोतल ठंडे है या नही.

ये उस वक़्त की बात है जब इंटरनेट नहीं हुआ करता था, सिर्फ अर्पानेट था. अर्पानेट इंटरनेट से पहले इस्तेमाल करने वाला नेटवर्क है. जिस से बहुत कम कॉम्पुएटर्स जुड़े हुए होते थे.

कोक मशीन की कहानी :

कोक मशीन में 6 कॉलम थे.

जब कोई कोक को खरीद था था थो एक लाल रंग की लाइट कुछ सेकंड जलती, फिर ऑफ होजाती.

एक पूरा कॉलम जब खाली होता थो, जब तक कॉलम को फिरसे भरदिया नहीं जाता तब तक लाल रंग की लाइट जलती.

निकोल्स के द्वारा लिखा गया प्रोग्राम देकता के अगर लाइट 5 सेकंड से ज़्यादा देर तक जलती थो समज जाता के एक कॉलम खली है.

लाइट का जलना और बंद होना ये भी बता देता के कोक टांडा है या गरम. लाइट बार बार जलना बंद होना कर रही है तो इसका मतलब है कोक ख़तम होरहे है. बहुत कम ठंडे कोक बचे हुए है.

ये दुनिया का सब से पहला स्मार्ट डिवाइस था जो इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स के ज़रिये चलता है.

RFID टेक्नोलॉजी :

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स शब्द को पहली बार केविन एश्टन (Kevin Ashton) नाम के वैज्ञानिक ने 1999 इस्तेमाल किया था. केविन ने बताया के RFID टेक्नोलॉजी इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स में बहुत अहम है.

हम आज कल देख ही रहे है, टोल गेट के पास फ़ास्ट टैग का इस्तेमाल किया जाता है जो एक तरह से इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स का मिसाल है.

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स को स्मार्ट सिटीज, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, स्मार्ट होम्स, स्मार्ट एनर्जी को बनाने के लिए आज कल इस्तेमाल किया जा रहा है.

Source : Sources :  https://www.ibm.com/blogs/industries/little-known-story-first-iot-device/

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